Computer ka avishkar kisne kiya

Computer ka avishkar kisne kiya

कम्प्यूटर का अविष्कार किसने किया इससे पहले हम सेकम्प्यूटर से थोड़ा परिचित हो जाते है.
कम्प्यूटर शब्द अंग्रेजी भाषा के Compute शब्द से बना है, जिसका अर्थ है गणना, करना होता है. इसलिए इसे गणक या संगणक भी कहा जाता है.  सर्वप्रथम इसका अविष्कार Calculation करने के लिए किया गया था. 

पुराने समय में कम्प्यूटर का उपयोग केवल कैलकुलेशन करने के लिए किया जाता था. किन्तु आज - कल इसका उपयोग Document बनाने, E-mail, listing and viewing audio and video, play games,database preparation के साथ - साथ  और कई कामों में किया जा रहा है. जैसे -  बैंकों में, शैक्षणिक संस्थानों में, कार्यालयों में, घरों में, दुकानों में, कम्प्यूटर का उपयोग व्यापक क्षेत्रों में किया जा रहा है. 

सबसे बड़ी बात यह है कि कम्प्यूटर वह काम करता है जो हम उसे करने को कहते है. यानि केवल वह उन Command को फॉलो करता है जो पहले से कम्प्यूटर के अन्दर डाले गए होते है. कम्प्यूटर के अन्दर सोचने - समझने की क्षमता नहीं होती है. कम्प्यूटर को जो व्यक्ति चलाता है उसे User कहतें है, और जो व्यक्ति कम्प्यूटर के लिए program बनाता है उसे Programmer कहते है. 

कम्प्यूटर दो भागों में बटा होता है - 
  1. सॉफ्टवेयर 
  2. हार्डवेयर 

Computer का अविष्कार किसने किया - 

वैसे अगर देखा जाए तो कम्प्यूटर का अविष्कार Charles Babbage ने किया था. क्योंकि डिफ़रेंस इंजन सर  Charles Babbage द्वारा सन 1822 में बनाया गया था. जो सटीक तरीके से गणनायें कर सकता था. इसमें प्रोग्राम स्टोरेज के लिए पंच कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था. यह भाप से चलता था, इसके आधार पर ही आज के कम्प्यूटर बनाये जा रहे है इसलिए Charles Babbage को कम्प्यूटर का जनक कहा जाता है.

कंप्यूटर की पीढ़ी - Generation Of Computer

पहली पीढ़ी -  1942 से 1955 तक - 
इस पीढ़ी के कंप्यूटर में वैक्यूम ट्यूब का प्रयोग किया जाता था, जिसकी वजह से इनका आकार बहुत बड़ा होता था और बिजली की खपत भी बहुत अधिक होती थी. यह ट्यूब बहुत ज्यादा गर्मी पैदा  करते थे. इन कंप्यूटरों में ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं होते थे, इसमें चलाने वाले प्रोग्रामों को पंचकार्ड में स्टोर करके रखा जाता था. इसमें डेटा स्टोर करने की क्षमता बहुत सिमित होती थी. इन कंप्यूटरों में मशीनी भाषा का प्रयोग किया जाता था.

दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर - 1956 से 1963 तक -
दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर में वैक्यूम ट्यूब की जगह ट्रांजिस्टर का उपयोग होने लगा था. ट्रांजिस्टर वैक्यूम ट्यूब से काफी बेहतर होता था. साथ ही दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों में मशीनी भाषा की जगह असेम्बली भाषा का उपयोग किया जाने लगा था. लेकिन अभी भी डेटा स्टोर करने के लिए पंचकार्ड का उपयोग किया जाता था.

तीसरे पीढ़ी के कंप्यूटर -  1964 से 1975 तक - 
तीसरी पीढ़ी तक आते आते ट्रांजिस्टर की जगह IC ने ले ली थी. IC का मतलब है इंटीग्रेटेड सर्किट. IC के उपयोग से कंप्यूटर का आकार छोटा हो गया,  लेकिन इन कंप्यूटरों की गति माइक्रो सेकंड से नैनों सेकंड तक थी. जो स्केल इंटीग्रेटेड सर्किट के द्वारा संभव हो सका. यह कम्प्यूटर छोटें और सस्ते बनने लगे थे और साथ ही ये उपयोग में भी आसान होते थे. इस पीढ़ी के कंप्यूटर में उच्च स्तरीय भाषा पास्कल और बेसिक का बिकास हुआ. लेकिन अभी भी बदलाव हो रहा था.

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर -  1967 से 1989 तक -
इस पीढ़ी के कंप्यूटर में चिप तथा माइक्रोप्रोसेसर का उपयोग होने लगा था. जिससे कंप्यूटर का आकर कम हो गया था और क्षमता बढ़ गई थी. इस कंप्यूटर में चुंबकीय डिस्क की जगह अर्धचालक मेमोरी (Semiconductor Memory) उपयोग हुआ. साथ ही उच्च गति वाले नेटवर्क का भी विकास हुआ जिन्हें आप लैन और वैन के नाम से जानते है. इसमें ऑपरेटिंग के रूप में यूजर्स का  परिचय पहली बार MS DOS से हुआ. साथ ही कुछ समय बाद माइक्रोसॉफ्ट विंडोज भी कंप्यूटरों में आने लगी थी. जिसकी बजह से मल्टीमीडिया का प्रचलन प्रारंभ हुआ. इसी समय C language का भी विकास हुआ, जिससे प्रोग्रामिंग करना सरल हुआ.

पांचवी पीढ़ी के कम्प्यूटर -  1989 से अब तक - 
पांचवी जनरेशन के कंप्यूटर में Ultra Large - Scale Integration (ULSI), ऑप्टिकल डिस्क जैसी चीजों का प्रयोग किया जाने लगा. कम से कम जगह में अधिक से अधिक डेटा को स्टोर किया जाने लगा. जिससे पोर्टेबल कंप्यूटर, डेस्कटॉप कंप्यूटर, टेबलेट आदि ने इस क्षेत्र में क्रांति ला दी. इसी पीढ़ी में ही इंटरनेट, ईमेल, WWW का विकास हुआ और इसी पीढ़ी में है आपका परिचय विंडोज के नये रूपों में हुआ. जैसे -  विंडोज XP , 7,8,10 आदि.

कंप्यूटर के महत्वपूर्ण भाग -  

  1. मोनीटर या LCD 
  2. की-बोर्ड 
  3. माउस 
  4. CPU 
  5. UPS 
1. मोनीटर या LCD -
इसका प्रयोग कंप्यूटर के सभी प्रोग्राम्स को डिस्प्ले कराना होता है यह एक आउटपुट डिवाइस है.

2. कीबोर्ड - 
इसका प्रयोग कंप्यूटर में टाइपिंग के लिए किया जाता है, यह एक इनपुट डिवाइस है. इसमें हम केवल की - बोर्ड के माध्यम से कंप्यूटर को ऑपरेट कर सकते है.

3. माउस - 
माउस कंप्यूटर के प्रयोग को और भी सरल बना देता है. यह एक तरीके से रिमोट डिवाइस होती है और साथ ही इनपुट डिवाइस होती है =.

4. CPU ( Central Processing Unit) 
यह कंप्यूटर का महत्वपूर्ण भाग होता है इसे कंप्यूटर का दिमाग या मष्तिक भी कहा जाता है. हमारा सारा डेटा यहाँ सुरक्षित रहता है. कम्प्यूटर से सभी भाग CPU से जुड़े रहते है. 

5. UPS (अनिट्रप पॉवर सप्लाई) 
यह हार्डवेयर या मशीन कंप्यूटर में सीधे बिजली बंद होने से रोकती है जिससे हमारा सारा डेटा सुरक्षित रहता है.


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