Sunday, December 22, 2019

Nrc kya hai - NRC Full Form

Nrc kya hai - NRC Full Form

What is CAB,CAA and NRC
What is CAB,CAA and NRC


CAB Full Form Citizenship Amendment Bill
CAA Full Form - Citizenship Amendment Act.
NRC Full form - National Register Citizenship

  • CAB क्या है ? (CAB Kya hai)

CAB - नागरिकता (संसोधन) बिल जिसे (Citizenship Amendment Bill) कहा जाता है। यह लोकसभा मे 9 दिसम्बर 2019 को पास कर दिया गया था। 12 दिसम्बर को इसे राष्ट्रपति की सहमति मिलते है यह कानून बन गया और अब इसका नाम नागरिकता (संसोधन) एक्ट (Citizenship Amendment Act. 2019) हो गया। 

जब कभी कोई कानून ड्राफ्ट तैयार होता है और उसे संसद के सामने पेश किया जाता है तो वह बिल कहलाता है। सबसे पहले CAB (Citizenship Amendment Bill) नागरिकता संसोधन जो विधेयक है इसे 2016 मे भारत की संसद मे प्रस्तुत किया गया था। 


  • CAA क्या है ? (CAA Kya hai)

तो सबसे पहले ये Amendment Bill क्यों है इसके बारे मे हम जान लेते है - 
इसमें सबसे पहले से ही एक कानून है 1955 का नागरिकता अधिनियम और इसमे संसोधन या कुछ बदलाव किए गये है। बदलाव करने के लिए ड्राफ्ट बनाया गया और जब इसे संसद मे रखा गया तो ये CAB बन गया लेकिन जैसे ही संसद से पारित हुआ तो इसे 12 दिसम्बर के दिन इस पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर हुये और ये CAA ( Citizenship Amendment Act.) बन गया। इस कानून का पूरा नाम नागरिकता संसोधन अधिनियम 2019 (Citizenship Amendment Act. 2019) है। 

CAA का उदेश्य - इसका उदेश्य पाकिस्तान,बांगलादेश और अफगानिस्तान मे जिनके साथ धार्मिक प्रताड़ना हो रही है या हुई है और जो 31 दिसम्बर 2014 को या उससे पहले भारत मे आ गए है और जिनको वहाँ से प्रताड़ित करके भगाया गया है तो उनको Citizenship या नागरिकता देने का संबन्ध इस प्रावधान मे है। 


  • NRC क्या है (NRC Kya hai)

 National Register for Citizenship ये भारतीय नागरिकों के नाम वाला एक रजिस्टर है जो विदेशी बंग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करने के लिए असम मे लागू किया गया है। 
इन बंग्लादेशी घुसपैठियों ने 1971 के बंग्लादेशी युद्ध के दौरान भारत मे प्रवेश किया था। NRC के अनुसार केवल वे व्यक्ति जो 25 मार्च 1971 से पहले असम के नागरिक थे या उनके पूर्वज असम के नागरिक थे उन्हे भारतीय नागरिक माना जाएगा। 

NRC का उदेश्य -  राष्ट्रीय  नागरिकता  रजिस्टर का उद्देश्य  यह है कि असम के नागरिकों का दावा है कि बंग्लादेशी प्रवासियों ने उनके अधिकारों को लूट लिया है और वें राज्य में हो रहे अपराधिक गतिविधियों में शामिल है। इसलिए इन शार्नार्थियों को उनके देश भेज दिया जाना चाहिए । असम में NRC अपडेट करने का मूल उद्देश्य वहां जो  घुसपेठिय है विदेशी नागरिक है और जो भारतीय नागरिक है उनमें पहचान करना है और  घुसपैठियों को बाहर निकालना है।
NRC केवल असम में लागु हुआ है और ये भी सुप्रीमकोर्ट के दिशा -निर्देश के बाद लागु हुआ है। NRC पुरे देश में लागू नहीं हुआ है जबकि CAA (Citizenship Amendment Act.) पुरे देश में लागु हुआ है।


  • NRC और CAA में क्या अंतर है ? 

NRC (National Register Citizenship)
CAA (Citizenship Amendment Act.)
1.
NRC में भारत में घुसने वाले विदेशी घुसपेठियों को बाहर निकालने की बात करता है अर्थात इस कानून के माध्यम से विदेशी घुसपेठियों की नागरिकता को छीनना है।
जब की CAA के माध्यम से पकिस्तान,बांग्लादेश और अफगानिस्तान में जिनके साथ धार्मिक प्रताड़ना हो रही है या हुई है और जो 31 दिसम्बर 2014 को या इससे पहले भारत आ गए है और जिनको प्रताड़ित करके भगाया गया है उनको नागरिकता दी जाएगी।
2.
NRC के माध्यम से उन लोगो को भारत का नागरिक माना जायेगा जो 24 मार्च 1971 को या फिर इससे पहले भारत के नागरिक है।
जबकि CAA में उन लोगो को नागरिकता दी जाएगी जो 31 दिसम्बर 2014 को या उससे पहले भारत आये थे।
3.
NRC का धर्म से कोई लेना देना नहीं है अर्थात जो भी विदेशी है जिसने घुसपैठ किया है उसे देश छोड़कर जाना होगा उसे बाहर किया जायेगा जिसका नाम इस रजिस्टर में नहीं होगा।
लेकिन CAA के अनुसार जो धार्मिक रूप से प्रताड़ित है उन लोगो को नागरिकता दी जाएगी तो इसका सम्बन्ध धर्म से है धार्मिक प्रताड़ना से है जो कि वो देश है बांग्लादेश,अफगानिस्तान और पकिस्तान आर्थात ये कानून उन देशों से है जो अलपसंख्यक धार्मिक प्रताड़ित है उनको देश में नागरिकता देने की बात कर रहा है। इसका भारत के जो मुसलमान है या जो भारत के नागरिक है उनसे कोई लेना – देना नहीं है उनके साथ कोई भी भेदभाव नहीं हो रहा है।
4.
NRC मुख्य रूप से बांग्लादेश से आने वाले घुसपेठियों को बाहर निकालने के लिए लागु किया गया है।
जबकि CAA में पाकिस्तान,अफगानिस्तान और बांग्लादेश के अवैध प्रवासियों को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान है।
5.
NRC का विरोध लगभग असम में रहने वाले सभी धर्मों के लोग कर रहे है।
जबकि CAA का विरोध मुख्य रूप से मुस्लिम समुदाय के लोग कर रहे है।
6.
NRC को अभी केवल असम में लागु किया गया है।
जबकि CAA का प्रावधान पुरे देश में लागू है।


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