शिक्षक दिवस

शिक्षक दिवस : निबंध - Teachers day essay in Hindi 

शिक्षक दिवस के अवसर पर मैं सभी शिक्षकगणों को नमस्तक भाव से प्रणाम करता हूँ क्यों कि आप ही भारत के निर्माता है और समाज के निर्माता है। 


Teachers day quotes in Hindi

  1. जन्म दाता से ज्यादा महत्व शिक्षक का है क्यूंकी ज्ञान ही व्यक्ति को इंसान बनाता है जीने योग्य जीवन देता है। 
  2. शिक्षक वह मोमबत्ती है जो खुद जलकर सबको उजाला देता है । 
सही क्या है ? गलत क्या है ? 
ये सब बताते है आप, 
झूठ क्या है ? और सच क्या है ? 
ये बात समझाते है आप,
जब सूझता नहीं कुछ भी,
राहों को सरल बनाते है आप 

शिक्षक दिवस डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्ण के याद में मनाया जाता है । भारत मे हर साल 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। परन्तु  अंतर्राष्ट्रीय दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जाता है । इस दिन  सभी स्कूलों में शिक्षकों हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते है तथा छात्र शिक्षकों के प्रति प्यार एवं सम्मान प्रकट करते है। छात्र शिक्षकों को कई तरह के उपहार देते है। 



शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है ?

भारत के प्रथम उप - राष्ट्रपति तथा दूसरे राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्ण के जन्मदिवस के उपलच्छ में प्रत्येक साल 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।  

जीवन परिचय - डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्ण का जन्म 5 सितम्बर 1888 को चेन्नई से लगभग 200 किलोमीटर  दूर उत्तर - पश्चिम मे एक छोटे से कस्बे तिरुट्टनी में हुआ था । उनके पिता का नाम सर्वपल्ली वी॰ रामास्वामी और माता का नाम श्रीमाती सीता झा था । उनके पिता एक गरीब ब्राह्मण थे । डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्ण  अपने पिता की दूसरी संतान थे । उनके चार भाई और एक छोटी बहन थी छ: बहन - भाइयों और दो माता - पिता को मिलाकर कुल आठ सदस्य थे । उनके परिवार की आय अत्यंत सीमित थी । इस सीमित आय में भी डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्ण ने सिद्ध कर दिया की प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती । उन्होने न केवल महान शिक्षाविद के रूप में ख्याति प्राप्त की, बल्कि देश के सर्वोच्च राष्ट्रपति पद को भी सुशोभित किया ।
डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्ण बचपन से ही किताबें पढ़ने के शौकीन थे तथा स्वामी विवेकानंद से काफी प्रभावित थे।


डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्ण से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी - 

  •  डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्ण को 1954 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था । 
  • डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्ण को ब्रिटिश शासनकाल में 'सर' की उपाधि भी दी गई थी । इसके अलावा साल 1961 में उन्हे जर्मनी के पुस्तक प्रकाशन द्वारा 'विश्व शांति पुरस्कार' से सम्मानित भी किया गया था। 
  • डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्ण  ने 40 साल तक शिक्षक के रूप में काम किया । वे साल 1939 से साल 1948 तक काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर आसीन रहे । 
  • डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्ण 13 मई 1952 को भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं 13 मई 1962 को भारत के दूसरे राष्ट्रपति बने थे । वे स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति और दूसरे उपराष्ट्रपति  है। 
  • डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्ण का निधन 17 अप्रैल 1975 को हुआ था । लेकिन उन्हे एक आदर्श शिक्षक एवं दार्शनिक के रूप में वे आज भी सभी के लिए प्रेरणादायक है। 

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